Thursday, 30 October 2014

शैतान को न्योता नहीं।

जामा मस्जिद के इमाम सैयद बुखारी
जामा मस्जिद के इमाम सैयद बुखारी

हाल ही में जामा मस्जिद के शाही इमाम जनाब सैयद अहमद बुखारी ने अपने छोटे बेटे जनाब सय्यद शाबान बुखारी (19) को अपना जांनशीन ऐलान किया है।  इस दस्तारबंदी की रस्म 22 नवंबर को  होना हे इसके साथ उन्हें नायब इमाम घोषित किया जाएगा। दस्तारबंदी की रस्म में शामिल होने वाले मेहमानों की उनकी लिस्ट में पाकिस्तान के प्रधामंत्री नवाज शरीफ का तो नाम है, लेकिन मोदी का नाम नहीं है।




इमाम साहब की इस बात से में पूरी तरह इत्तेफ़ाक़ रखता हूरेहमानो की महफ़िल में शैतानो का किया काममोदी जो शैतानी ताक़त के ज़रिये भारत के ऊपर क़ाबिज़ हुआ हे उसको सरकश शयातीन की पार्टी बीजेपी का  और संगी आतंकवादिओं का सपोर्ट होगा लेकिन कोई भी ज़मीर वाला मुसलमान उसको सपोर्ट नहीं करेगाउसकी कुछ वजहा एक दम साफ़ हेमोदी के सत्ता पे क़ाबिज़ होते ही उसने अपना असली शैतानी चेहरा दिखाना शुरू कर दियामोदी ने चुनाव के भाषणो में देश के लोगो को लुभाने की भरपूर कोशिश की थीउसके इस शैतानी जाल में बोहोत से मुसलमान भी फास गयेलेकिन उसके हाथ सत्ता लगते ही उसने अपना असली रूप दिखाया और संगी आतंकवादीओ को जेल से बहार निकालना शुरू कर दियाआतंकी महिला माया कोडनानी, आतंकवादी असीमानंद, बाबू  बजरंगी, वंज़ारा।  उसके आते ही कम्युनल गुज में जो पुलिस अफसर इशरत जहाँ का क़ातिल था उसको पादुन्नति दे कर अस.पी. बना दिया.  



प्रधान शैतान और सरकश शयातीन की पार्टी बीजेपी के सत्ता में आते ही सांप्रदायिक दंगो की जैसे बाढ गई हेसारे भारत में सांप्रदायिक दंगे हुए हे मोदी की सरकार के आने के बादमोदी के आने के बाद देश के जिन प्रमुख प्रांतो में सांप्रदायिक दंगे हुए उनमे मुख्या उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, कम्युनल गुज., कर्नाटक, केरल, दिल्ली, वेस्ट बंगाल, असाम, रांची।  



अब मोदी का शैतानी रूप सभी मुसलमानो के समझ में गया हे. और कोई भी मुसलमान जो अपनी क़ौम और बरादरी से मुहब्बत करता हे उसको किसी भी इस्लामिक फंक्शन में बुलाना पसंद नहीं करेगे. अगर मुसलमान अपनी खोई इज़्ज़त वापस चाहता हे तो उसको किसी एक ही पार्टी को सपोर्ट करना चाहिए, अपने वोट की कीमत को ऐसे तोडना नहीं चाहिएसियासी पार्टिया अपने माफत की लिए चुनाव के वक़्त बड़ी बड़ी बाते कर के मुसलमानो का वोट तो लेंते हे लेकिन उनको फायदा कुछ नहीं देते.   कांग्रेस देखी, बीजेपी देखीदेखी एन.सी.पि. और सपाअगली बार आल इण्डिया इत्तेहादुल मजलिसे मुस्लेमीन को वोट दे कर देखो।  इंशाल्लाहा असद भाई आपके साथ हर मुश्किल समय में खड़े दिखेगे, और मुसलमानो की आवाज़ जो सियासी पार्टियो ने दबा कर राखी हे उसको संसद में बुलंद करेंगे

आपका खादिम,

ज़ुबेर अहमद खान




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मुस्लिम पर्सनल लॉ के शेर की दहाड़ के सामने हिन्दू स्टेट के सबसे बड़े पाखंडी और आतंकी सरगना की गीदड़ भबकी बोहोत ही दबी हुई जान पड़ती है.   प...